Damus

Recent Notes

राज profile picture
गूगिल जेमिनै से। भारत में ईंट-पत्थर के मकानों का विकास।
प्राचीन काल (लगभग 7000 ईसा पूर्व - 1500 ईसा पूर्व): सिंधु घाटी और बलूचिस्तान क्षेत्रों से प्राप्त प्रारंभिक साक्ष्य कच्ची (मिट्टी की) ईंटों और बाद में अग्नि में पकाई गई ईंटों के उपयोग को दर्शाते हैं। लगभग 2500 ईसा पूर्व सिंधु सभ्यता के पास ईंट ढलाई की उन्नत तकनीक थी।
राज profile picture
"large swaths of cities regularly burned to the ground: Rome in AD 64; Constantinople in 406; London in 1135, 1212, and 1666; Hangzhou 1137; Amsterdam 1421 and 1452; Stockholm 1625 and 1759; Nagasaki 1663; Boston 1711, 1760, 1787, and 1872; New York 1776, 1835, and 1845; New Orleans 1788 and 1794; Pittsburgh 1845; Chicago 1871; Seattle 1889; Shanghai 1894; Baltimore 1904; Atlanta 1917; and Tokyo 1923 are just a short list..."

"Safer construction... incombustible brick, stone, and concrete."

https://www.lesswrong.com/posts/PHpooGs65uBzmCEqx
राज profile picture
सर्वेषामेतद्रोचते कथं वा तवेति॥ शत्रु के शत्रु मेरे मित्र। इस बात पर लोग अन्ध विश्वास करते हैं। इसका उपयोग गुप्तचर करते हैं विश्वास जीतने के लिए। इसका उदाहरण अर्थशास्त्र प्रथमाधिकरण दशमोऽध्याय में है। बहुत पुराने चाल।
राज profile picture
अयनाम्श। प्रचलित पंचांगों में मकर संक्रान्ति माघ कृष्ण एकादशी के दिन माना गया है। सायन अथवा वास्तविक उत्तरायण पौष शुक्ल प्रतिपदा के दिन था। यह चौबीस दिनों का अन्तर अयनाम्श कहा जाता है जो नक्षत्रमान वर्ष तथा अयनमान वर्ष में पृथकता के कारण है। ऋतुचक्र अयनमान है॥ कलि अहर्गण आधारित परिकलन में मकर संक्रान्ति पौष पूर्णिमा के दिन था जिससे केवल तेरह दिनों का अयनाम्श प्राप्त होता है। इस भेद अथवा परिकलनदोष का मूल कारण अन्वेषणीय।
राज profile picture
there seems to be a problem where the relays are not loaded. have to restart amethyst to get it to pick them up. also some issue where conversation feed shows no new messages for days.
राज profile picture
htime.el । अद्य १८७२५७४ कल्यहर्गण मंगलवार १९४७ गतशकाब्द कालसम्वत्सर पौषमास शुक्लपक्ष दशमीतिथि षष्ठमुहूर्त्त पंचदशीकला ८९ निमेष। सूर्य धनुराशि चन्द्रमा भरणीनक्षत्र।
राज profile picture
षष्टिसम्वत्सर नाम। अग्निपुराण अध्याय १३९ से। शोधनीय। युवा अथवा पूर्ण। सुभानु अथवा स्वर्भानु। दुर्मुख के पूर्व दुष्कर होना चाहिए। शुभकृत् तथा शोभकृत् दो के स्थान पर एक ही शोभन होना चाहिए। आनल अथवा आनन। कालयुक्त अथवा काल। क्रोधी से आनन्द तक ग्यारह नाम अनुपलब्ध।
राज profile picture
अद्य कालयुक्तसम्वत्सर पौषमास कृष्णदशमी रविवार हस्तनक्षत्र। बार्हस्पत्य सम्वत्सर परिकलन के लिए सूर्यसिद्धान्त तथा ज्योतिषतत्त्व से प्राप्त विधि अनुसार कालयुक्त सम्वत्सर चल रहा है विश्वावसु नहीं।
राज profile picture
जपान चीनिस्तान घटना विवरण यूट्यूब पर 董事長開講 से।